अलंकार

1.अलंकार शब्द का वाच्यार्थ है
(A) विशेषण (B) आभूषण (C) सजावट (D) गुण
2.काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व कहलाते हैं
(A) छन्द (B) रस (C) गुण (D) अलंकार
3.अलंकार के संबंध में सत्य है –
(A) ये काव्य की शोभा बढ़ाते हैं। (B) कथन या अभिव्यक्ति को विशिष्ट बनाते हैं। (C) काव्य की आकर्षक और प्रभावशाली बनाते हैं। (D) उपर्युक्त सभी
4.अलंकार' सम्प्रदाय के प्रवर्तक माने जाते हैं?
(A) भामह (B) दण्डी (C) रुद्रट (D) भरत
5.अलंकार निरूपण से संबंधित ग्रन्थ 'काव्यालंकार' के रचयिता है
(A) भरत (B) दण्डी  (C) भामह (D) रुद्रट
6.अलंकार के मुख्यतः कितने भेद किए जाते हैं?
(A) दो (B) तीन (C) चार (D) कोई नहीं
7.अलंकारविहीन रचना को भामह ने माना है?
(A) वार्ता मात्र (B) भाषा मात्र (C) काव्य मात्र (D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
8.अलंकार और अलंकार्य में अन्तर नहीं मानने वाले आचार्य हैं?
(A) जगन्नाथ (B) भामह (C) क्षेमेन्द्र (D) दण्डी
9.'जिस प्रकार अग्नि का धर्म उष्णता है उसी प्रकार काव्य का धर्म उसकी अलंकृति' कथन है
(A) दण्डी (B) भरत (C)भामह (D) जगन्नाथ
10.रस कोरसवत अलंकार' के नाम से विवेचित किया है
(A) भामह ने (B) उद्भ ट ने (C) रुद्रट ने (D) दण्डी ने
11.कथन किसका है कि 'वक्रोक्ति अथवा अतिशयोक्ति के " काव्य में सौन्दर्य आ ही नहीं सकता।
(A) रुद्रट (B) जगन्नाथ (C) दण्डी (D) गंगाधर

12. अलंकारों को काव्य का सहायक तत्व माना है
(A) वामन (B) भामह (C) भरतमुनि (D) क्षेमेन्द्र
13. अलंकार के कितने भेद होते हैं?
(A) दो (B) तीन  (C) चार (D) पाँच
14. जब शब्दों के प्रयोग से काव्य में चारूता या चमत्कार आये तो उसे कहते हैं
(A) शब्दालंकार (B) अर्थालंकार (C) उभयालंकार (D) इनमें से कोई नहीं
15. जहाँ अर्थ की चारूता के कारण काव्य की शोभा में वृद्धि होती है, तो उसे कहते हैं –
(A) शब्दालंकार (B) अर्थालंकार (C) उभयालंकार (D) इनमें से कोई नहीं
16. जब वर्ण की आवृत्ति एक या अधिक बार हो तो वह अलंकार होता है
(A) अनुप्रास (B) यमक (C) श्लेष (D) रूपक
17. ‘तरणी-तनुजा तट तमाल तरूवर बहु छाए' पंक्ति में अलंकार है
(A) यमक (B) लाटानुप्रास (C) उपमा (D) अनुप्रास
18. अनुप्रास के कितने भेद होते हैं?
(A)दो (B) तीन (C) चार (D) पाँच
19. जिसमें एक वर्ण या वर्ण समूह की एक बार आवृत्ति होती है, वह होता है
(A) अन्त्यानुप्रास (B) श्रुत्यानुप्रास (C) वृत्यानुप्रास (D) छेकानुप्रास
20. निम्न में से छेकानुप्रास का उदाहरण है –
(A) कानन कठिन भयंकर भारी (B) निपट नीरव नन्द-निकेत में (C) तुलसीदास सीदत निस-दिन देखत तुम्हारि निठुराई (D) नभ लाली, चाली निसा, चटकाली धुनि कीन